देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। देश में कैंसर के मामलों की समय पर पहचान और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक जरूरी कदम उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी निर्देश दिए है कि वे कैंसर को “अधिसूचित रोग” घोषित करें। मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई क। दरअसल यह निर्देश डॉ. अनुराग श्रीवास्तव की ओर से दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। पिछले साल 12 दिसंबर को अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, जिसमें पूरे देश में कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित करने का अनुरोध किया गया था।
केंद्र सरकार ने दी यह जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से शीर्ष अदालत को बताया गया कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 17 पहले ही संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित कर चुके हैं। इसी स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने शेष बचे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश जारी किया है।
जानें क्या होता है ‘अधिसूचित रोग’
अधिसूचित बीमारियां वे रोग होती हैं, जिनका कोई भी नया मामला सामने आने पर डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए स्थानीय सरकारी स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी देना कानूनन अनिवार्य होता है। इससे सरकार के पास बीमारी के आंकड़ों का सही रिकॉर्ड रहता है और उसकी रोकथाम के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सकती हैं।