December 5, 2022

अब दृष्टि बाधित लोग भी आसानी से पढ़ सकेंगें, ईजाद की गई ये मशीन, जानिए

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दृष्टि बाधित लोगों को पढ़ने की सहुलियत बढ़ाने के लिए एक नई मशीन का निर्माण किया गया है । जिसके सहयोग से कोई भी प्रकाशित या डिजिटल दस्तावे को स्पीच आउटपुट के रूप में प्राप्त किया जा सकता है।

व्यक्तिगत पाठन मशीन का नाम ‘दिव्य नयन’ रखा गया है

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बारे में बताया कि चंडीगढ़ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) ने तकनीक को विकसित किया है। इस व्यक्तिगत पाठन मशीन का नाम ‘दिव्य नयन’ रखा गया है। यह मशीन दृष्टिबाधित व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए दिए गए पंजीकरण और बुकिंग वेब लिंक https://divyanayan.csio.res.in/registration.php पर उपलब्ध है।

संपर्क स्कैनिंग पद्धति पर आधारित यह मशीन

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संपर्क स्कैनिंग पद्धति पर आधारित यह मशीन मल्टी कॉलम दस्तावेज का विश्लेषण कर सकता है और पढ़ने की निर्बाध सुविधा प्रदान करता है। उपयोगकर्ता जिस दस्तावेज को पढ़ना चाहता है, उसके ऊपर इस उपकरण को रख सकता है और इसे मैन्युअल रूप से स्कैन कर सकता है।

मशीन कैसे करती है काम

रीडिंग डिवाइस इमेज को टेक्स्ट और टेक्स्ट को स्पीच कन्वर्टर करने के लिए भाषा पर निर्भर ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन का उपयोग करता है और यह टेक्स्ट को ऑडियो में परिवर्तित करता है।
ऑडियो फाइलें मशीन में एड की जाती हैं, जिन्हें उपयोगकर्ता द्वारा सुना जा सकता है। यह उपकरण हैंडहेल्ड, स्टैंडअलोन, पोर्टेबल, पूरी तरह से वायरलेस और आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) सक्षम है। वर्तमान में यह उपकरण हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और पंजाबी में उपलब्ध है। इसे जल्द ही अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं के लिए भी अनुकूल बनाया जाएगा । इसमें यूएसबी, ब्लूटूथ, वाईफाई, लैन, हेडफोन इत्यादि जैसे इंटरफेस हैं।

इससे पहले भी वह दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण उपकरण बना चुका है

आपको बता दे कि यह पहली बार नहीं है जब सीएसआईआर ने इस तरह की मशीन बनाई है। इससे पहले भी वह दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण उपकरण बना चुका है।

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