पिथौरागढ़: चरस तस्करी मामले में अदालत ने सुनाया फैसला, दो आरोपियों को 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना

​पिथौरागढ़: चरस तस्करी के मामले में न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दो तस्करों को सख्त सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा भुगतने का आदेश दिया है।
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जानें पूरा मामला

जानकारी के अनुसार अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी (क्रिमिनल) राकेश चंद्र ने बताया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों अभियुक्तों को 6-6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना 14 फरवरी 2021 की है, जब एसओजी (SOG) और कनालीछीना थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक बाइक को रोका था। तलाशी लेने पर बाइक सवार दो युवकों—सुरेन्द्र सिंह (निवासी दुर्लेख जौरासी) और लाल सिंह (निवासी लीमाभाट, पिथौरागढ़)—के पास से कुल 1 किलो 262 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था।


​अदालत का आदेश

​मामले की विवेचना (जांच) पूरी कर पुलिस ने 18 मई 2021 को आरोप पत्र (चार्जशीट) अदालत में पेश किया था। अदालत में पेश किए गए ठोस साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पुलिस की मजबूत विवेचना के आधार पर विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दोषी माना और उन्हें यह सख्त सजा सुनाई।