रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन ने संयुक्त आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, पूर्णकालिक राज्य कर अधिकारी तैनात करने की उठाई मांग

रामनगर: राज्य कर कार्यालय, रामनगर में पूर्णकालिक राज्य कर अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है।

ज्ञापन में कहीं यह बात

जिस पर एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. पूरन चंद्र पांडे और उपसचिव एडवोकेट डॉ. मनु अग्रवाल के नेतृत्व में संयुक्त आयुक्त (राज्य कर विभाग, कुमाऊँ संभाग, हल्द्वानी) हेमा बिष्ट को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में बताया गया कि जुलाई 2026 में हुए तबादलों के बाद रामनगर कार्यालय में नए राज्य कर अधिकारी की नियुक्ति तो की गई है, लेकिन उनके पास हल्द्वानी सेक्टर के ‘एसआईआर’ (SIR) से जुड़े कार्यों का अतिरिक्त जिम्मा भी है। इस दोहरी जिम्मेदारी के चलते वे रामनगर कार्यालय में जीएसटी से जुड़े कार्यों और मामलों के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि रामनगर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में व्यापारी, करदाता और अधिवक्ता अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। अधिकारी के पूर्णकालिक रूप से उपलब्ध न होने के कारण करदाताओं की समस्याओं के समाधान और विभागीय कार्यों के समय पर निस्तारण में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मांग की है‌ कि वर्तमान राज्य कर अधिकारी को एसआईआर संबंधी अतिरिक्त दायित्वों से मुक्त कर रामनगर कार्यालय में पूर्णकालिक रूप से तैनात किया जाए।यदि प्रशासनिक कारणों से यह संभव नहीं है, तो किसी अन्य राज्य कर अधिकारी को रामनगर कार्यालय के जीएसटी कार्यों के लिए विशेष रूप से अधिकृत किया जाए।


दिया आश्वासन

व्यापारियों और अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संयुक्त आयुक्त हेमा बिष्ट ने ज्ञापन स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर समीक्षा कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि विभाग इस दिशा में जल्द सकारात्मक कदम उठाएगा जिससे रामनगर के करदाताओं और अधिवक्ताओं को राहत मिल सके।