October 23, 2021

उत्तराखंड: नैनीताल में मिली एक और नयी भूमिगत झील

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नैनीताल में एक और नयी झील मिलने की खबर सामने आ रही है । नैनीझील से करीब 400 मीटर दूर एक नई भूमिगत झील मिली है। आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने इलाके का भूमिगत सर्वे किया था। जिसमें पता चला कि नैनी झील से करीब चार सौ मीटर आगे की ओर एक बड़ी भूमिगत झील है। यह करीब 200 मीटर लंबी पाई गई है। 

आईआईटी रुड़की के सर्वे में यह बात सामने आई है

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह नई झील करीब 200 मीटर लंबी और पांच मीटर तक गहरी है। यह झील मिलने के बाद नैनीझील से रिसाव की चिंताओं पर भी विराम लग गया है।  नैनीताल का निचला हिस्सा चार दशकों से संवेदनशील बना हुआ है। यहां बलिया नाले में 1980 में भूस्खलन के बाद इसके ट्रीटमेंट और सर्वे का काम शुरू हुआ। माना जा रहा था कि भूस्खलन नैनीझील में पानी रिसाव के कारण हो रहा है।

पानी का रिसाव नैनीझील से नहीं बल्कि भूमिगत नयी झील के कारण हो रहा है

मिली जानकारी के अनुसार आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट, देहरादून, जीएसआई समेत कई एजेंसियां को इसके सर्वे के लिए जुटाया गया । इसी दौरान आईआईटी रुड़की की सर्वे टीम ने नैनीझील से करीब 400 मीटर दूर भवाली की तरफ 70 मीटर इलाके का भूमिगत सर्वे किया। जहाँ रिपोर्ट में पता चला की यहां जो पानी का रिसाव हो रहा है, वह नैनीझील से नहीं बल्कि भूमिगत नई झील के कारण हो रहा है। 

डीएम, नैनीताल धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस भूमिगत पानी को अपलिफ़्ट कर नैनीताल तक पहूंचाया जाएगा ।

डीएम, नैनीताल धीराज गर्ब्याल ने बताया
इस भूमिगत झील के पानी को अपलिफ्ट कर नैनीताल तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। इस इलाके का संयुक्त सर्वे हो चुका है। सिंचाई और नलकूप विभाग, जलनिगम आदि विभागों की आठ सदस्यीय कमेटी गठित की है। जो इस परक्षिेत्र में ट्यूबवेल स्थापित करेगी।