उत्तराखंड: राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बढ़ती गर्मी और पेयजल किल्लत की आशंका को देखते हुए जल संस्थान ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
उठाए यह कदम
इसके तहत आगामी 1 अप्रैल से अगले तीन महीनों के लिए नए व्यवसायिक (कमर्शियल) पानी के कनेक्शनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को अब पानी के बिलों में 9 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का भी सामना करना पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, निर्माण कार्यों पर ब्रेक
जल संस्थान के अनुसार, गर्मियों में पानी के स्रोतों में कमी आने और मांग बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके। व्यावसायिक और निर्माण कार्यों के लिए नए कनेक्शन अब जुलाई (मानसून आने तक) के बाद ही मिल पाएंगे। वहीं घरेलू पानी के कनेक्शन पहले की तरह जारी रहेंगे, उन पर कोई रोक नहीं है। विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत और जल स्रोतों को दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
बढ़ जाएंगे पानी के दाम
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका भी लगेगा। शासन के नियमों के तहत पानी की दरों में वार्षिक बढ़ोतरी स्वतः लागू हो जाएगी।
चूंकि जल संस्थान हर तीन महीने में बिल जारी करता है, इसलिए उपभोक्ताओं को अगले बिल में ₹45 से ₹75 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। इस संबंध में जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते निर्माण कार्यों के कारण पानी की मांग अत्यधिक रहती है। गर्मियों में स्थिति को संतुलित रखने के लिए नए व्यावसायिक कनेक्शनों पर अस्थायी रोक जरूरी है।