July 6, 2022

उत्तराखण्ड: इलाज के दौरान व्यापारी की मौत के बाद मचा बवाल, भाई ने चिकित्सकों पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

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रुद्रपुर स्थित द मेडिसिटी अस्पताल में एक युवा व्यापारी की इलाज के दौरान मौत के बाद जमकर हंगामा और बवाल हुआ। मृतक व्यापारी के परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए इस मौत के लिए उनको जिम्मेदार बताया।

इंजेक्शन और दवाई देने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई

आरोप था कि व्यापारी को इंजेक्शन और दवाई देने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई जबकि उनका रक्तचाप सामान्य था। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने तीमरदारों के साथ अभ्रदता भी की। दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस मामले में मृतक व्यापारी के भाई की ओर से पुलिस को तहरीर देकर चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। हंगामे की सूचना पर सीओ, कोतवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स अस्पताल में पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव का पंचानाम भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ ने बताया कि चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पैनल की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते कोतवाल विक्रम राठौर से इस संबंध में वार्ता की।

डॉ. रिजवान ने सुरेश का चेकअप करने के बाद उनके हृदयाघात की शिकायत बताई

विकास कुमार उर्फ विक्की पुत्र लखपतराय निवासी वार्ड नंबर छह गदरपुर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उनके भाई सुरेश कुमार भुसरी के सीने में गुरुवार सुबह दर्द उठा। इस पर वह सुबह करीब आठ से सवा आठ के बीच सुरेश को लेकर द मेडिसिटी अस्पताल किच्छा रोड रुद्रपुर उपचार के लिए लाए। यहां डॉ. रिजवान ने सुरेश का चेकअप करने के बाद उनके हृदयाघात की शिकायत बताई। जब उन्होंने डॉक्टर से पूछा कि इस अस्पताल में हृदयाघात का इलाज होता है तो डॉ. रिजवान ने मेडिकल अस्पताल के प्रबंधक डॉ. दीपक छाबड़ा से बात की। आरोप है कि डॉ. छाबड़ा के कहने पर डॉ. रिजवान और कर्मचारी बृजेश और गौतम अतेन्द्र ने उनके मना करने के बाद भी उनके और उनके साथ आए लोगों की इच्छा के विपरीत उनके भाई सुरेश को इंजेक्शन लगा दिए। आरोप कि इंजेक्शन लगते ही उनके भाई सुरेश भुसरी की मौत हो गई।

डॉ. रिजवान और कर्मचारियों के खिलाफ आक्रोश जताया

वहीं भाई की मौत पर जब उन्होंने डॉ. रिजवान और कर्मचारियों के खिलाफ आक्रोश जताया तो उन्होंने धमकाते हुए कहा कि चुपचाप शव ले जाओ नहीं तो तुम्हारा भी यही अंजाम होगा। वहीं मौके पर भीड़ जमा होते देख डॉ. रिजवान समेत अन्य कर्मचारी मौके से भाग गए। विकास कुमार का आरोप है कि डॉ. दीपक छाबड़ा, डॉ. रिजवान, बृजेश, गौतम और अतेन्द्र के इलाज में लापरवाही बरतने और गलत इलाज से उनके भाई सुरेश भुसरी की मौत हुई है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ पर लगे आरोपों के संबंध में डॉ. दीपक छाबड़ा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनकी व्यवस्थता के चलते उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

चिकित्सकों की रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी – सीओ रुद्रपुर

मामले को लेकर अभय कुमार, सीओ रुद्रपुर का कहना है कि मृतक के भाई की ओर अस्पताल के चिकित्सकों और अन्य पर इलाज में लापरवाही बरतने और गलत इलाज के कारण उसके भाई की मौत होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी गई है। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया जा रहा है। चिकित्सकों की रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।